जय जय राजस्थान
हर गांव की अलग है गाथा
यह है राजस्थान की परिभाषा
कोई भक्ति में रसा बसा
तो कोई प्रर्यावरण की अलख जगाता
कोई वीर रक्षक मातृभूमि का
तो कोई वीर रस सुनाता
कोई धर्म की बात बताता
तो कोई धर्म रक्षक बन जाता
कहीं सर सांठे रूख रहे
तो सर सांठे डटे रहे
मातृभूमि का मान
जय जय राजस्थान
✍️ सुरेन्द्र कुमार बिश्नोई


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