उड़ान
चलना सीखा है अभी अभी
बाकी है उड़ान अभी
आवाज़ उठाई है अभी अभी
बाकी है परिवर्तन अभी
रात बीती है अभी अभी
बाकी है रोशनी अभी
उम्मीद लगाई है अभी अभी
बाकी है उड़ान अभी
राह चुनी है अभी अभी
बाकी है मंजिल अभी
अधर्म विरोध हुआ अभी अभी
बाकी है विधर्मी विनाश अभी
मुस्कान आयी है अभी अभी
बाकी है खिलखिलाहट अभी
पंख फैलाए है अभी अभी
बाकी है उड़ान अभी
पूर्व लालिम हुआ अभी
बाकी है सविता अभी
घनघोर घटाएं छाई अभी
बाकी है बरसात अभी
शुभ संकल्प हुआ अभी अभी
बाकी है सुराज अभी
राहें चुनी है नई नई
बाकी है उड़ान अभी
विकासोन्मुख हुए अभी अभी
बाकी है विकास अभी
कलम पकड़ी अभी अभी
बाकी है मर्म अभी
दो पर्ण दिखें अभी अभी
बाकी है लहलहाते खलियान अभी
दो कदम बढ़ाए अभी अभी
बाकी है उड़ान अभी
✍️ सुरेन्द्र कुमार बिश्नोई


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